रिपोर्ट – गणपत भंसाली सूरत
सूरत के उपनगर एंव पाटीदार बाहुल्य कतारगांव स्थित वस्तावाड़ी विस्तार में 500 करोड़ रुपये की लागत से विश्व स्तरीय अति आधुनिक सुविधाओं से युक्त मल्टीलेवल स्पेशयिलिस्ट किरण हॉस्पिटल का लोकार्पण देश के गौरवशाली प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी आगामी 17 अप्रेल को करने जा रहे हैं, इस हॉस्पिटल का निर्माण सौराष्ट्र मूल के अलावा उत्तर गुजरात,मध्य गुजरात व दक्षिण गुजरात के सूरत में बसे एंव डायमंड आदि उद्योगों से जुड़े पाटीदार पटेलों के आर्थिक सहयोग से हुआ हैं, उल्लेखनीय हैं कि सिल्कसिटी एंव डायमंड सिटी के रूप के विश्व विख्यात महानगर सूरत में गुणवत्ता परक मेडिकल सेवाओं का नितांत अभाव हैं, अतः आर्थिक रूप से समृद्ध लोग तो अपने उपचार हेतु अहमदाबाद या मुम्बई शहरों का रुख कर देते हैं, इस अति आधुनिक हॉस्पिटल के प्रारम्भ हो जाने से न बल्कि सूरत व दक्षिण गुजरात अपितु गुजरात व देश भर के विभिन्न शहरों से मरीज अपने उपचार हेतु सूरत पहुंचेंगे, बताया जाता हैं कि इतनी अति आधुनिक डॉक्टरी सेवाएं गुजरात तो क्या मुम्बई तक मे उपलब्ध नही , इस हॉस्पिटल को विश्व स्तरीय बनाने हेतु ट्रस्टियों ने यूरोप व अमेरिका आदि देशों के अनेक दौरे किये हैं, इस हॉस्पिटल के के स्वप्न दृष्टा तमाम भामशाओं व कार्यकर्ताओं को ह्रदय पूर्वक साधुवाद…
———-
ऐसे बनी इस विशाल हॉस्पिटल की भूमिका
******
इस हॉस्पिटल के निर्माण की जो भूमिका बनी हैं, उसकी कहानी बड़ी ही रोचक है, बताया जाता हैं कि 2009 में जब समस्त पाटीदार संघ का गठन हुआ तब इस संघ से जुड़े श्री मथुरभाई सवानी किरण जेम के श्री वल्लभ भाई लखानी के पास गए और शिक्षा से जुड़े विभिन्न आयामो हेतु सहयोग करने का कहा, तो श्री वल्लभभाई ने 51 लाख रु देने की सहमति प्रदान की, तो मथुरभाई ने कहा कि 51 लाख की जगह एक करोड़ की राशि की स्वीकृति दें आप, तो बल्लभ भाई ने कहा कि अब तो रहने दो, लेकिन हॉस्पिटल बनाते हो तो मेरा 5 करोड़ की सहयोग राशि लिख लें, बस वहीं से हॉस्पिटल की भूमिका बन गई और यह निश्चय किया गया कि लगभग 100 करोड़ में हॉस्पिटल बना देंगे, ओर हॉस्पिटल की जमीन हेतु उस समय के मुख्यमंत्री व वर्तमान के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से बात की तो मोदीजी ने कहा कि क्या 100 करोड़ का हॉस्पिटल बनाते हैं, थोड़ा बड़ा दिल करो, श्री मोदीजी की इस प्रेरणा से विशाल हॉस्पिटल की भूमिका बन गई, हॉस्पिटल के लिए जमीन तो मोदी जी के निर्देश पर सूरत महानगर पालिका ने आवंटित कर ही दी, और अब तक 400 करोड़ की सहयोग राशि एकत्रित भी हो गई, इन्हीं प्रयासों से हॉस्पिटल का भूमि पूजन 21,10,13 को तथा शिलान्यास 27 फरवरी 14 को किया गया और अब हॉस्पिटल का लोकार्पण सोमवार 17 अप्रेल को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कर कमलों द्वारा होने जा रहा हैं, इस हॉस्पिटल के निर्माण में श्री गोविंदभाई ढोलकिया, श्री मथुरभाई सवानी, डॉ जगदीश पटेल आदि अनेक ट्रस्टियों के सराहनीय प्रयास रहे हैं,
17 हजार स्कावयर फुट भूखण्ड पर 10 लाख वर्ग फुट का निर्माण कार्य
——-
लगभग 17 हजार स्क्वायर फुट के विशाल भूखण्ड पर निर्मित इस 13 मंजिले किरण हॉस्पिटल में तकरीबन 10 लाख स्कावयर फिट का बांध काम किया गया हैं, हॉस्पिटल की ऊंचाई 59 मीटर होगी, तथा मरीजों की सुविधा हेतु इस हॉस्पिटल में 22 लिफ्ट्स एंव 2 एस्किलेटर लगाए गए हैं, हॉस्पिटल में फिलहाल 533 बेडों की व्यवस्था होगी, आगे जाकर इन्हें बढ़ा कर 750 बेड कर दिए जाएंगे, इसमें 113 बेड ICU के होंगे, जबकि 33 बेड मेडिकल विभाग के एंव एक इमरजेंसी वार्ड जिसमें 11 बेड़ों की व्यवस्था होगी,इसी तरह 28 बेड ऑपरेशन थियेटर में होंगे, हॉस्पिटल की 13 मंजिल पर एक हेलीपेड का निर्माण किया गया हैं ताकि इमरजेंसी में हेलीकॉप्टर या एयर एम्बुलेंस लैंड कर सके, इसी के मद्देनजर एक ऑपरेशन थिएटर 12 वीं मंजिल पर भी बनाया गया हैं, ताकि हेलीकॉप्टर से लाए जाने वाले मरीज को रेम्प द्वारा सीधा लिफ्ट से ऑपरेशन थियेटर पहुंचाया जा सके,व अविलम्ब उपचार शुरू किया जा सके,
——–
पांच-पांच बेडों का ही होगा जनरल वार्ड
*******
अमूमन जनरल वार्डों में असंख्य बेड लगा दिए जाते हैं, जिससे मरीजों की प्राइवेसी नही रहती, व शांति में खलल पड़ता हैं, इसी बिन्दु को ध्यान में रखते हुए किरण हॉस्पिटल के प्रत्येक जनरल वार्ड में महज 5-5 बेड़ो की ही व्यवस्था रखी गई है, वार्ड में प्रत्येक बेड के इर्द-गिर्द कर्टन का पूरा घेरा रहेगा, जिससे मरीज की प्राइवेसी बनी रहेगी, प्रत्येक जनरल वार्ड में 5 बेड़ों के बीच 2-2 बाथरूम होंगे, इसके अलावा विभिन्न मंजिलों पर स्युट्स रूम, प्रीमियम रूम, डीलक्स रूम, 2 बेड का ट्विन शेयरिंग रूम्स की व्यवस्था रहेगी, किरण हॉस्पिटल में टोटल बेडों के मुकाबले में 66 प्रतिशत रूम जनरल रूम के रूप में रहेंगे, जबकि 34 प्रतिशत रूम प्राइवेट यानी इकोनॉमी बनाए गए हैं,
————-
V.I.P हेतु प्रेसिडेंटियल स्यूट की व्यवस्था
********
इस हॉस्पिटल के 11 वें फ्लोर पर VIP,S हेतु प्रेसिडेंटियल स्युट बनाए गए हैं, उल्लेखनीय हैं कि ऐसी सुविधाएं मुम्बई तक के हॉस्पिटलों में भी उपलब्ध नही हैं, फिलहाल ऐसे 4 स्युट बनाए गए हैं, बाद में इसकी संख्या बढ़ा कर 8 कर दी जाएगी, इन स्युटों में तमाम लग्जरी सुविधाएं रहेगी, जिसमें टेरेस गार्डन, लिविंग रूम, मरीज हेतु अलग से रूम जिसमें तमाम डॉक्टरी सेवाएं उपलब्ध रहेगी तथा मरीज के परिवार जन व रिश्तेदार आदि रह सकेंगे, इसके लिए एक रिलेटिव रूम भी बनाया गया हैं, ये स्युट रूम लग्जरी होटल के रूम की तर्ज पर बनाए गये है,
66 तरह के रोगों का होगा उपचार
***********
किरण हॉस्पिटल में एक्सपर्ट डॉक्टरों के निर्देशन में लगभग 66 तरह के रोगों हेतु OPD तैयार की गई है, हॉस्पिटल में दांत से लेकर केन्सर तक के रोगों का समुचित उपचार होगा, हॉस्पिटल में मरीज को इंस्फेक्शन ना हो व मरीज से मिलने आ रहे परिवार जनों तथा रिश्तेदारों आदि के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई हैं,
*******
न्यूमेक ट्यूब प्रणाली द्वारा जांच एंव उपचार
——
किरण हॉस्पिटल में विदेशों के विशेष ख्यातनाम हॉस्पिटलों में उपलब्ध न्यूमेटिक ट्यूब सिस्टम का प्रबन्ध किया गया हैं, इस प्रणाली के तहत प्रत्येक नर्स स्टेशन, ICU, ऑपरेशन थियेटर, लेबोरटरी, ब्लड बैंक आदि को न्यूमेटिक ट्यूब द्वारा जोड़ा जाता हैं, इस सिस्टम से एमरजेंसी में खून,दवाई या किसी तरह के टेस्ट की आवश्यकता रहने की स्थिति में उसी जगह पहुंचाई जा सकती हैं,
——-
दुबई के बुर्ज खलीफा की तरह अग्निशमन सेवा
*******
अधिकांश हॉस्पिटलों में आग अमूमन शॉर्ट सर्किट से लगती हैं, लेकिन किरण हॉस्पिटल में शॉर्ट सर्किट की गुंजाइश न के बराबर ही रहेगी, शॉर्ट सर्किट जैसी स्थिति पैदा न हो, इसके लिए ‘बसबार’ व्यवस्था की गई हैं, उल्लेखनीय हैं कि ऐसी अति आधुनिक व्यवस्था सम्पूर्ण गुजरात के हॉस्पिटलों तक में नही हैं, हाँ दुबई की विश्व प्रसिद्ध होटल बुर्ज खलीफा में इस तरह के उपकरण लगाए गए हैं, अगर किसी अन्य कारण से हॉस्पिटल के किसी भी क्षेत्र में आग लग जाती हैं तो उस पर काबू पाने हेतु बारहवीं मंजिल से 12000 जितनी पानी की धारें प्रवाहित की जा सकेगी, इसके लिए स्पिनकलर्स की व्यवस्था की हैं, इस स्पिनकलर्स हेतु 16 किलोमीटर जितनी पाइप लाइन बिठाई गई है
————–
वीडियो कॉन्फ्रेंस से हो पाएगी रोगी से भेंट
***********
हॉस्पिटल के ग्राउण्ड फ़्लोर पर केबिन्स बिठा कर ऑडियो विज्युल स्क्रीन्स लगाई गई हैं, जिससे हॉस्पिटल में एड्मिट मरीज के रिश्तेदारों को अपना नाम दर्ज करा कर केबिन्स में जाना होगा, केबिन्स में लगाई गई स्क्रीन के द्वारा रिश्तेदार व मरीज एक दूसरे को देख सकेंगे तथा मरीज के हालात से वाकिफ हो सकेंगे, व उनकी खैरियत पूछ सकेंगे, इसके अलावा ग्राउंड फ्लोर पर ही फल-फ्रूट की दुकान बनाई गई हैं, जहां से रिश्तेदार आदि मरीज को फ्रूट भिजा सकेंगे,
————
यूरोप-अमेरिका जैसी 256 स्लाइस की सी टी स्केन मशीन
*******
यूरोप व अमेरिका आदि देशों में 256 स्लाइस अति आधुनिक सी टी स्किन मशीनों का प्रचलन हैं, ऐसी एडवांस टेक्नोलॉजी की मशीनों से मरीज के शरीर के छोटे से छोटे भाग को चिन्हित कर रोग का निदान किया जा सकता हैं, इसी के मद्देनजर किरण हॉस्पिटल में 256 स्लाइस की सी टी स्किन मशीन बिठाई गई हैं, ये उल्लेखनीय हैं कि वर्तमान में अधिकांश हॉस्पिटलों में 16 अथवा 64 स्लाइस की मशीने ही कार्यरत हैं लेकिन इन मशीनों से मरीज के सूक्ष्म से सूक्ष्म हिस्से को चिन्हित नही किया जा सकता, जबकि 256 स्लाइस की सी टी स्केन मशीन से मरीज के एक से अनेक हिस्से में फैले रोग को भी आसानी से चिन्हित किया जा सकेगा,
————–
केन्सर रोग के उपचार हेतु अलग बिल्डिंग
*********
केन्सर रोग के जांच एंव उपचार हेतु किरण हॉस्पिटल में अलग बिल्डिंग बनाई गई हैं, जिसमें जमीन के अंदर दो मंजिल जितनी अंडरग्राउंड की गहराई में केन्सर रोग निदान केंद्र बनाया गया हैं, इतने नीचे अंडरग्राउंड में केन्सर रोग के उपचार करने के पीछे मुख्य कारण यह हैं कि केन्सर रोग में उपचार के दौरान जो रेडिएशन थेरेपी उपयोग में लाई जाती हैं, उस रेडिएशन का अन्य लोगों पर असर ना पड़े, इस हेतु ये सावधानी बरती गई हैं, अमूमन ऐसी बिल्डिंगों की दीवार की परत काफी जाडी होती हैं, जबकि अंडरग्राउंड में बनाई गई बिल्डिंग की दीवार की परत पतली भी रखी जा सकती हैं, अतः वैश्विक मापदंडों की अनुपालना के तहत केन्सर रोग की जांच एंव उपचार हेतु दो मंजिला अंडरग्राउंड बिल्डिंग का निर्माण किया गया हैं, तथा ग्राउंड लेवल पर इस विभाग का संचालन हो, ऐसी व्यवस्था की गई हैं
————–
डॉक्टरों हेतु R.N.D की सुविधा उपलब्ध
********
वर्तमान के इस टेक्नोलॉजी के युग मे रिचर्स एंव डेवलोपमेन्ट का महत्व बढ़ा हुआ हैं, इस महत्व को स्वीकारते हुए किरण हॉस्पिटल में आर एन डी विभाग की व्यवस्था की गई हैं, इस विभाग में डॉक्टर्स नित्य नए प्रयोग व अनुसन्धान कर सकेंगे, इस विभाग के रहते मरीजों के उपचार में सहूलियत मिल पाएगी,
—————–
अति आधुनिक टेक्नोलॉजी युक्त ऑपरेशन थियेटर
******
हॉस्पिटल में एडवांस टेक्नोलॉजी युक्त कुल 28 ऑपरेशन थिएटरों का निर्माण कराया गया हैं, तमाम ऑपरेशन थिएटरों की दीवारों व फ्लोरिंग्स को एन्टीबैक्ट्रीयल मटीरियल युक्त बनाया गया हैं, सभी ऑपरेशन थियेटरों में अधिकतया यूरोपियन, जापानीज,व अमेरिकन्स देशों निर्मित लेटेस्ट से लेटेस्ट उपकरण लगाए गए हैं, विशेष बिंदु यह भी हैं कि ऑपरेशन थिएटरों में उपयोग लिए जाने वाले इन तमाम उपकरणों को स्ट्रिलाइज्ड करने हेतु इजराइल की ‘टूटनोर’ कम्पनी की सेंट्रल स्ट्रिलाइज्ड सिस्टम आधारित उपकरण स्थापित किए गए हैं, ऑपरेशन में इस्तेमाल किए गए कपड़े, उपकरणों, इंस्ट्रूमेंटस आदि वस्तुओं को भी स्ट्रिलाइज्ड करने की व्यवस्था हॉस्पिटल में ही रहेगी,
———
हॉस्पिटल में होगा अतिआधुनिक I.C.U
*****
किरण हॉस्पिटल में यूरोप व अमेरिकन स्तर के मल्टीपैरामोनीटर वेंटिलेटर, डिफेब्रिलेटर जैसे अतिआधुनिक उपकरणों से युक्त 10 I.C.U बनाए गए हैं, इन तमाम I.C.U में कुल 125 बेड की व्यवस्था रहेगी, तमाम बेड अलग क्यूबिकल में होंगे, जिसमें तीन तरफ आस-पास नही देखा जाए ऐसे कांच लगे होंगे, अगर मरीज गहरे छूत रोग से ग्रसित हैं तो उसके लिए मरीज को अलग से सुलाने हेतु आइसोलेशन रूम की भी व्यवस्था की गई हैं, I.S.U में प्रवेश करने वाले मरीज के रिश्तेदार हेतु A.C लोकेबल क्यूबक्स का प्रबंध भी किया गया हैं,
————–
एयरकंडीशनर की हवा तक जीवाणु मुक्त
*******
हॉस्पिटल में सेंट्रल एयरकंडीशनर स्थापित किया है, हॉस्पिटल के तमाम A.C की हवा सीधी बाहर नही आएगी, ये हवा एक नियत जगह पर ही आएगी जो कि उसे जीवाणु मुक्त बनाने में सहायक हो पाएगी, इस जगह को ‘ए एच यू’ के नाम का सम्बोधन दिया गया हैं, अंतरराष्ट्रीय नियमो के अनुसार ‘ए एच यू’ में 5 माइक्रोन फिल्टर द्वारा हवा जीवाणु मुक्त की जाती हैं, ओर उसके बाद ही उस हवा को फ्लोर पर फैलाई जाती हैं,
————-
हॉस्पिटल में नर्स कॉलिंग सिस्टम
*********
किरण हॉस्पिटल में तमाम स्थलों पर नर्स कॉलिंग सिस्टम लगाया गया हैं, अमेरिका की कम्पनी की अंतरराष्ट्रीय श्रेणी की अति आधुनिक टेक्नोलॉजी युक्त ये प्रणाली स्थापित की गई हैं, इस सिस्टम के तहत मरीज के बेड पर से नर्स व डॉक्टर को मैसेज भेजा जा सकता हैं, अगर निश्चित समय मे कॉल अटेंड ना हो तो उसकी जानकारी तुरन्त ही एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिस को हो जाएगी,
————–
चिकित्सा सेवा लेने वाले मरीजों का मेडिक्लेम होगा
*********
ये वो हॉस्पिटल होगा जहां उद्योगपति, N.R.I , तथा बड़े से बड़ा व्यापारी से लेकर छोटे से छोटा व्यक्ति क्यों ना हो, सबकी अच्छा से अच्छा गुणवत्ता परक उपचार होगा, इस हॉस्पिटल का एक इंश्योरेंस कम्पनी के साथ करार किया गया हैं, ये कम्पनी अन्य इन्स्योरेन्स कम्पनियों की तुलना के आधे से कम राशी में लोगों से प्रीमियम लेगी, साथ ही साथ ट्रस्ट से जुड़े कार्यकर्ता लोगों को मेडिक्लेम का महत्व समझाएंगे, कि अन्य खर्च में कटौती कर अच्छे से अच्छा इलाज इस विशाल हॉस्पिटल में करा सकेंगे, फिलहाल 10 लाख परिवारों को मेडिक्लेम के तहत समाहित किए जाने की लक्ष्य निर्धारित किया गया हैं, एक अनुमान के अनुसार प्रति परिवार 4 सदस्य भी मान लें तो करीब 40 लाख लोग श्रेष्ठ इलाज करा सकेंगे,
————–
सात वर्ष का होगा रिकॉर्ड उपलब्ध
*******
किरण हॉस्पिटल में उपचार हेतु आने वाले मरीज का 7 वर्ष का रिकॉर्ड रहेगा,मरीज के ऑपरेशन के दौरान होने वाली तमाम शारीरिक घटनाक्रम का ब्यौरा रिकॉर्ड होगा,
———
प्रारम्भ में होंगे 100 डॉक्टर, विदेशी डॉक्टरों की सेवा भी
*******
किरण हॉस्पिटल में प्रारम्भ के दौर में कुल 100 डॉक्टर होंगे, जब हॉस्पिटल पूर्ण रूप से संचालित होगा तब डॉक्टरों की संख्या बढ़ कर 350 तक पहुंच जाएगी, हॉस्पिटल के ट्रस्टी श्री मथुराभाई सवानी ने बताया कि हॉस्पिटल में यूरोप एंव अमेरिका के सयुंक्त रूप से कार्य सेवाएं उपलब्ध रहेगी तथा टेलीमेडिशन की व्यवस्था रहेगी
किरण हॉस्पिटल में उपलब्ध मेडिकल सेवाएं
**********
एक्सीडेंट इमरजेंसी केयर (आपातकालीन सेवाएं)
कार्डियोलॉजी
कार्डियक सर्जरी (ह्रदय रोग विभाग)
एनेस्थेसियोलॉजी
क्लिनिक रिचर्स
डर्मेटोलॉजी कॉस्मेटोलॉजी (चर्म रोग विभाग)
डेन्टल सर्जरी (दन्त चिकित्सा)
एंडोक्राइनोलॉजी (डाइबिटीज, अंतसावन रोग विभाग)
E.N.T (कान, नाक,गला रोग विभाग)
गेस्ट्रोसेन्ट्रोलॉजी, गेस्ट्रो सर्जरी(पेट रोग विभाग)
जनरल सर्जरी
जनरल मेडिसिन
न्यूरोलॉजी (दिमाग रोग विभाग)
नेकोलॉजी
डायोलोसिस ( किडनी रोग विभाग)
ऑप्थेल्मोलॉजी (नेत्र रोग विभाग)
ऑब्जेट्रिक्स गायनेकोंलॉजी (प्रसूति, स्त्री रोग विभाग)
ऑर्थोपेडिक ( हड्डी रोग विभाग
मेडिकल ऑन्कोलॉजी केन्सर रोग विभाग
हीमटोनक्लोजी ब्लड केन्सर
रेडिएशन ओन्क्लोजी केन्सर शेक विभाग
पीडियाट्रिक न्योंटोलॉजी बाल एंव नवजात शिशु रोग विभाग
सायकियाट्रिक मानसिक रोग विभाग
प्लोमोनोलॉजी फेफड़ा रोग विभाग
प्लास्टिक सर्जरी
पैथोलॉजी लेबोरेट्री-ब्लड बैंक
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

