
राजस्थान की राजधानी जयपुर में सोमवार दोपहर दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। हरमाड़ा थाना क्षेत्र की लोहा मंडी इलाके में एक बेकाबू डंपर ने सड़क पर खड़ी और चल रही करीब 17 गाड़ियों को रौंद दिया। हादसा इतना भीषण था कि कई वाहनों के परखच्चे उड़ गए और कम से कम 10 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है, जबकि अनेक लोग घायल हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कई शवों के टुकड़े-टुकड़े सड़क पर बिखर गए। घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोगों ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुँचाया।
🚨 कैसे हुआ हादसा?
सूत्रों के अनुसार, हादसा दोपहर करीब 1 बजे उस समय हुआ जब एक डंपर लोहा मंडी पेट्रोल पंप की तरफ से रोड नंबर-14 से हाईवे पर चढ़ने के दौरान अनियंत्रित हो गया। तेज रफ्तार में आए डंपर ने पहले कुछ वाहनों को टक्कर मारी और फिर लगातार कई वाहनों को कुचलते हुए आगे बढ़ गया।
👮♂️ ड्राइवर को पकड़ा गया
भीड़ में गुस्सा फूट पड़ा और स्थानीय लोगों ने डंपर चालक को मौके पर ही पकड़ लिया। पुलिस ने चालक को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
🏥 घायलों की स्थिति
- SMS ट्रॉमा सेंटर में 6 गंभीर घायल भर्ती
- 2 रोगी कांवटिया अस्पताल में
- 2 का इलाज निजी अस्पताल में जारी
डॉक्टरों के अनुसार, कई घायलों की हालत नाज़ुक है। अस्पताल प्रशासन और पुलिस टीम मौके पर लगातार निगरानी कर रही है।
🏛️ सरकार एक्शन में — शाम 7 बजे CMR में हाई-लेवल मीटिंग
प्रदेश में लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय (CMR) में आज शाम 7 बजे आपात बैठक बुलाई गई है।
बैठक में ये वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहेंगे:
- मुख्य सचिव (CS)
- डीजीपी
- JDC
- परिवहन आयुक्त
- ADG ट्रैफिक
- जयपुर कलेक्टर
- DCP ट्रैफिक
बैठक में सड़क सुरक्षा, भारी वाहनों का नियंत्रण, ड्राइवर मॉनिटरिंग सिस्टम और ट्रैफिक प्रबंधन पर तत्काल निर्णय की संभावना है।
📍 घटना स्थल का हाल
हादसे के तुरंत बाद:
- पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुँचा
- क्रेन और एम्बुलेंस से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ
- हाईवे पर लंबा जाम लग गया
- मृतकों के परिजनों को सूचना भेजी जा रही है
घटना स्थल पर अभी भी गाड़ियों के मलबे और खून के निशान मौजूद हैं, जिसे देखकर लोग सहम रहे हैं।
🕯️ स्थानीय लोगों की मांग
लोगों ने आरोप लगाया कि इस मार्ग पर:
- भारी वाहनों का दबाव ज्यादा है
- स्पीड कंट्रोल सिस्टम नहीं
- पुलिस निगरानी कम
- रोड इंजीनियरिंग खामियाँ हैं
स्थानीय नागरिकों ने सरकार से स्थायी समाधान की मांग की है।
💬 नेताओं व प्रशासन का बयान
प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि
“जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई होगी। पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता दी जाएगी।”
सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता और मुआवज़े पर विचार शुरू कर दिया है।
⚠️ सवाल बरकरार
- क्या सिर्फ मीटिंग से हादसे रुकेंगे?
- भारी वाहनों की निगरानी कब सख्त होगी?
- क्या राजस्थान में रोड सेफ्टी सिस्टम फेल हो रहा है?
राज्य में ट्रैफिक व सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ी बहस फिर से शुरू हो गई है।
✍️ समाचार360 का विश्लेषण
यह हादसा केवल एक ट्रैफिक घटना नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही, ट्रैफिक व्यवस्था और सड़क सुरक्षा में कमियों का संकेत है।
समय की मांग है कि:
- भारी वाहनों पर स्मार्ट ट्रैकिंग सिस्टम
- स्पीड कंट्रोल टेक्नोलॉजी
- ड्राइवर बैकग्राउंड व मेडिकल चेक
- हाईवे पर सख्त मॉनिटरिंग
- रोड इंजीनियरिंग सुधार
तुरंत लागू हों।
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