देर रात किया तबादला
जनता को सिरोधार्य मान कर चलने वाले बायतू विधायक ने बायतू क्षेत्र में पेयजल किल्लत को लेकर विधानसभा में उठाये मामले और आईएएस संदीप वर्मा पर लगाये गये भ्रश्टाचार के आरोपों के बाद, आईएएस संदीप वर्मा और विधायक कैलाश चौधरी के बीच नोक झोक को राज्य सरकार ने गंभीरता से लेते हुए देर रात आईएएस वर्मा विभाग से हटा दिये गये हैं, वर्मा के विभाग से हटने के बाद विधायक के आरोप पुख्ता हो गये हैं साथ ही सरकार ने आईएएस को हटाकर प्रदेष की जनता में संदेश दिया हैं कि काम नही करने वाले अधिकारियों की यहां कोई जगह नही हैं चाहे वह गा्रम सेवक हो या कलेक्टर फिर प्रमुख शासन सचिव। बायतू विधायक कैलाश चौधरी हमेशा से ही जनता के साथ खडे नजर आते हैं, हर सुख दुःख में हाथ बंटाने के कारण ही भाजपा के सबसे महत्वपूर्ण किसान मोर्चा का प्रदेशाध्यक्ष बना रखा हैं, ऐसे में इनकी सरकार में गहरी पैठ भी हैं। आईएएस वर्मा को हटाने के बाद एक बात तो साफ हो गई हैं कि बायतू विधायक कैलाश चौधरी का राजनैतिक कद बढा हैं, उसका सीधा फायदा बायतू की जनता को ही होगा।
क्या हुआ था एक दिन पूर्व
आपको बता दे कि मंगलवार को बायतू विधायक चौधरी ने पोकरण-फलसंूड-हीरा की ढाणी पेयजल लाईन का काम धीमी गति से होने को लेकर पीएचईडी के शासन सचिव संदीप वर्मा पर काम रोकने के गंभीर आरोप लगते हुए इन्हे भ्रष्ट बताया था। विधायक आईएसस वर्मा पर इतने नाराज थे कि मंत्री के चैम्बर में मिलने पर उनकों काम मे फूर्ति दिखाने की बात कही तो विधानसभा में मामला उठाने को लेकर आईएएस वर्मा विधायक से भिड गये, इससे साफ जाहिर हो रहा था कि प्रदेश की नौकरशाह लोकतंत्र पर हावी हो रही हैं।

