गिड़ा (बालोतरा)।
मानवता और साहस की मिसाल पेश करते हुए बालोतरा जिले के गिड़ा गांव के 5 वर्षीय भोमाराम के परिवार ने ब्रेन डेड घोषित होने के बाद उसके अंगदान का निर्णय लेकर तीन जरूरतमंद लोगों को नया जीवन दिया। इस प्रेरणादायक निर्णय के लिए भोमाराम के परिवार को “वीर विक्रम पुरस्कार” से सम्मानित किया गया।
सर्व जनहित एवं विकास सेवा संस्थान, जोधपुर की ओर से आयोजित कार्यक्रम में संस्थान के अध्यक्ष विष्णु सरगरा ने भोमाराम के पिता भेराराम, दादा बाबूलाल सहित परिजनों को प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। यह सम्मान पश्चिमी राजस्थान के प्रथम ब्रेन डेड ऑर्गन डोनर विक्रम की स्मृति में प्रारंभ किया गया है।
संस्थान की कोर कमेटी कार्यकारी सदस्य मंजू मेवाड़ा ने बताया कि भोमाराम जोधपुर का 10वां कैडैवरिक अंगदाता और दूसरा बाल अंगदाता है, जिसने अंगदान के माध्यम से तीन लोगों को जीवनदान दिया।
कोर कमेटी कार्यकारी सदस्य पिंटु सोढ़ा ने जानकारी देते हुए बताया कि भोमाराम ने 15 दिसंबर को एम्स जोधपुर में अंतिम सांस ली थी। ब्रेन डेड घोषित होने के बाद परिजनों ने अत्यंत साहसिक एवं मानवीय निर्णय लेते हुए अंगदान की सहमति दी, जिससे जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिल सका।
कार्यक्रम के दौरान संस्थान के पदाधिकारियों ने भोमाराम के परिवार के निर्णय की सराहना करते हुए समाज से अंगदान को लेकर जागरूक होने की अपील की।

