जयघोष, फूलों की वर्षा और भक्ति रस में डूबे श्रद्धालु
📍 कांवलास
🎤 रिपोर्टर : परमवीर सिंह कटार
कांवलास गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव श्रद्धा, उत्साह और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। कथा स्थल पर जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य का प्रसंग आया, पूरा पांडाल “हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने फूलों की वर्षा कर भगवान का स्वागत किया और भक्तिमय वातावरण में झूम उठे।
यह कथा 21 मई से 27 मई तक आयोजित की जा रही है। प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से शाम 4 बजे तक कथा का आयोजन हो रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु धर्म लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
कथा वाचक पं. श्रवण जी व्यास ने भगवान श्रीकृष्ण की जन्म महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि उनका अवतार केवल अधर्म के विनाश के लिए नहीं, बल्कि मानव जीवन को प्रेम, नीति, धर्म और भक्ति का मार्ग दिखाने के लिए हुआ। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा जीवन को सकारात्मक दिशा देने वाली अमृतधारा है।
चारधाम यात्रा के सकुशल सम्पन्न होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस कथा के आयोजकों सीताराम पांडिया, कल्याणमल पांडिया, शिवनारायण पांडिया एवं गोविन्द पांडिया ने बताया कि यह आयोजन गांव को आध्यात्मिक ऊर्जा से जोड़ने का माध्यम बन चुका है। आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं।
आयोजन के तहत 27 मई को भव्य भजन संध्या एवं 28 मई को तुलसी विवाह का आयोजन भी किया जाएगा।
कथा के दौरान भवानीशंकर म्यूजिकल ग्रुप द्वारा चेतावनी भजनों की प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। वहीं अमन आर्ट ग्रुप की जीवंत झांकियों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। कथा का सीधा प्रसारण जालखेड़ा म्यूजिक द्वारा किया जा रहा है।
इस दौरान एक विशेष नवाचार भी देखने को मिला, जहां श्रद्धालु स्वास्तिक के आकार में बैठकर कथा श्रवण करते नजर आए। इस अनूठी व्यवस्था ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
कथा के पश्चात प्रतिदिन रात्रि में जागरण का आयोजन भी किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न कलाकार भजनों की प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं।

