शेरगढ़। शेरगढ़ कस्बे में पिछले 20 वर्षों से संचालित जिला सैनिक कल्याण कार्यालय का फलोदी रोड फाटा स्थानांतरण सैनिक परिवारों के लिए गहरी निराशा का कारण बन गया है। मंगलवार को जब कार्यालय का सामान ट्रक में भरा गया, तो मौके पर मौजूद पूर्व सैनिकों एवं वीरांगनाओं में आक्रोश और बेबसी साफ दिखाई दी।
शेरगढ़ को वीर प्रसूता क्षेत्र माना जाता है, जहाँ लगभग हर दूसरे-तीसरे घर से कोई न कोई सैनिक देशसेवा से जुड़ा रहा है। प्रथम एवं द्वितीय विश्व युद्ध सहित विभिन्न सैन्य अभियानों में यहां के सैनिकों ने मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान दिए हैं। सैनिकों की सुविधा हेतु सितंबर 2006 में जिला सैनिक कल्याण कार्यालय की स्थापना की गई थी, जिससे शेरगढ़ सहित बाड़मेर-जैसलमेर के सीमावर्ती क्षेत्रों के लगभग 5 हजार सैनिक परिवार लाभान्वित होते थे।
अब कार्यालय के फलोदी फाटा स्थानांतरण से वीरांगनाओं व वृद्ध पूर्व सैनिकों को 25 से 50 किलोमीटर तक अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी। नए स्थान पर ई-मित्र, ठहराव एवं अन्य प्रशासनिक सुविधाओं का अभाव भी परेशानी बढ़ा रहा है। स्थानांतरण रोकने हेतु दिए गए ज्ञापन भी बेअसर रहे।

