1300 मीटर सड़क कटी, 100 घर प्रभावित होने की आशंका
📍 शेरगढ़, जोधपुर
🎤 ग्राउंड रिपोर्ट : कुलदीप टेलर
बालेसर क्षेत्र के खिरजा फतेहसिंह, तिबना भोजा और खिरजा तिबना से आने वाला बरसाती पानी अब बोल नाड़ी क्षेत्र के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि करीब 15 किलोमीटर क्षेत्र से तेज वेग से आने वाला पानी समुचित निकासी नहीं होने के कारण 3 से 4 किलोमीटर तक फैल जाता है, जिससे आसपास की बस्तियों और कृषि भूमि पर संकट गहरा गया है।
ग्रामीणों के अनुसार पिछले वर्ष भारी बारिश के दौरान मुख्य पाल करीब 200 फीट तक टूट गई थी, जिसके बाद पानी का बहाव बदलकर दूर-दूर तक फैल गया। वहीं करीब 1300 मीटर सड़क कट गई और बहाव क्षेत्र मिट्टी से भर गया। तालाब और नाड़ी के रास्ते में लगभग 10 फीट तक मिट्टी जमा होने से पानी की निकासी पूरी तरह बाधित हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि नाड़ी में करीब 25 फीट तक गाद भर जाने से जल प्रवाह लगभग बंद हो चुका है, जिसके कारण बरसाती पानी आसपास के इलाकों में फैल जाता है। पिछले वर्ष हुई बारिश में 52 मकान क्षतिग्रस्त हुए थे, जिनमें तिबना के 35 और प्रेमनगर तेना के 17 घर शामिल थे। इस बार करीब 100 घरों पर खतरा मंडरा रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि प्रभावित परिवारों में दर्जी, कुम्हार, नाई, राजपूत, भील और मेघवाल समाज के लोग शामिल हैं। किसानों का कहना है कि पिछले वर्ष करीब 100 हेक्टेयर फसल खराब हुई थी, लेकिन अब तक किसी भी किसान को मुआवजा नहीं मिला।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि वर्षों से मनरेगा कार्य बंद पड़े हैं, जिससे नाड़ी की सफाई और बहाव मार्ग सुधार का काम नहीं हो पा रहा है। वर्ष 2021-22 में यहां मरु उत्सव भी आयोजित हुआ था, लेकिन अब बहाव क्षेत्र में उगी बबूल की झाड़ियों ने पानी का रास्ता बदल दिया है, जिससे खतरा और बढ़ गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से नाड़ी की सफाई, गाद हटाने, बहाव मार्ग खोलने और क्षतिग्रस्त सड़क व पाल की मरम्मत करवाने की मांग की है, ताकि आगामी मानसून में बड़े नुकसान से बचा जा सके।
इस दौरान मदन सिंह चौहान, इन्द्रसिंह राठौड़, नाथू सिंह, मूल सिंह, इन्द्र सिंह चौहान, संगाराम, हुकम सिंह, वीरमपुरी, नेमाराम, नारायण राम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
